Garudeshwar (विनता-गरुड़ की काशी यात्रा: गरुड़ द्वारा गरुडेश्वर लिङ्ग की स्थापना एवं भगवान शिव द्वारा गरुड़ को भगवान विष्णु का वाहन बनने का आशीर्वाद देना तत्पश्चात गरुडेश्वर के सापेक्ष अन्य लिङ्गों की स्थिति)

Virupaksha Gauri (विरूपाक्ष गौरी)

Gauri Kedar (गौरी केदार - केदारनाथ क्षेत्र बद्रिकाश्रम में भगवान महादेव भैसें के पीठ के रूप में तथा काशी में लिङ्ग रुपेण अवस्थित है)

Muktinath Kshetra Yatra (शालिग्राम भगवान की प्राप्ति हेतु आषाढ़ मास में मुक्ति नारायण क्षेत्र की यात्रा एवं गण्डकी नदी का महात्म्य)

Vishweshwar Ling (काशी का विश्वतीर्थ एवं अधिष्ठाता देवता विश्वबाहुका गौरी एवं विश्वेश्वर या विश्वनाथ लिङ्ग)